हैलो नमस्कार 🙏 दोस्तों आज मैं आपको आसान वह 2 मिनट में तैयार होने वाली रेसिपी के बारे में बताने वाला हूं।
इस डिश को हिमाचली डिश इसीलिए कहा जाता है क्योंकि इसका उद्गम हिमाचल में हुआ है।
इसे बनाने के लिए आपको एक गिलास गाढी लस्सी चाहिए और फिर गैस पर एक बर्तन को रख के उसमें एक चम्मच घी या तेल डालकर उसे गरम कर लें फिर उसमें जीरा अजवाइन भुनी हुई पीसी हुई मैथी, हींग, हल्दी, नमक व गरम मसाला डालें और उसमें कुछ बारीक कटे हुए धनिया के पत्ते भी डालें पहले इन सब चीजों को भून ले।
इस सब के बाद आप उसमे लस्सी डाल दे और फिर थोड़ी लाल मिर्च भी डाल दे और याद रखें की कढ़ाई में जब आप लस्सी डाल दें तब आप उसे एक कड़छी से हिलाते रहे 2 मिनट के बाद ही इसे नीचे उतार ले नीचे उतरने के बाद भी इसे 1 मिनट तक हिलाते रहे यदि लस्सी ज्यादा खट्टी है तो इसे थोड़ा मीठा करने के लिए इसमें चीनी के कुछ दाने या पिसी हुई मिश्री डाल सकते हैं, ये कुछ इस प्रकार से दिखेगा।
इसे सब्जी के साथ सहायक रूप में पिया जा सकता है इसे आप किसी भी सूखी सब्जी के साथ बड़े चाव से पी सकते हैं आप इसे आलू गोभी, आलू मेथी व आलू मेथी गाजर मटर आदि सब्जियों के साथ मजे से पी सकते हैं
इस रेसिपी को मनाने में 5 मिनट से भी कम समय लगता है तो इसे एक बार तो जरूर आजमा कर देखें अगर आपको यह रेसिपी अच्छी लगे तो हमें कमेंट करके बताएं और यदि आपके कोई और सवाल है तो उसे भी कमेंट करके जरूर बताएं।
अंत: आप हमसे आगे और किस विषय पर जानकारी चाहते है, ये भी हमे कमेंट करके जरूर बताएं और अंत में अपना बहुमूल्य समय इस Blog को देने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद 🥳🤩😊✌️👍🇮🇳🔥🌈💖💪👌😁✅👋🎉💥☑️😎🎊🌄🧡💛💚💙💜🤎🙏🌳💯🤍
जैसा की मैने अपने पिछले Blog (ब्लॉग) में बताया था की हर इंसान को अपने जीवन में कभी-ने-कभी तनाव का सामना करना ही पड़ता है लेकिन कोरोना और इससे जन्मी अनिश्चितता के कारण सभी को कही-ने-कही तनाव और मानसिक-समस्याओं का सामना करना ही पड़ रहा है।
ये बात भी समझना जरूरी हैं की इस महामारी के समय में हर उम्र के लोगों को कही-न-कही मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बच्चे बाहर नहीं खेल पे रहे अपने दोस्तो से मिल नही पा रहे है जिससे वो भी परेशान हैं, युवाओं को नौकरी जाने का भय है, बूढ़े लोग अपने बच्चो और पोते-पोतियों (Grandson & Grandaughter) को परेशान देखकर दुखी है।
इन्ही सब कारणों की वजह से मुझे लगा की मुझे आप सबके साथ कुछ ऐसे तरीके सांझा करने चाहिए जिनसे तनाव, चिंता के समय में मेरे मन को शांति और आराम मिलता है तो शायद आपको भी ये फायदा दे।
6. खाने पे ध्यान दे = जैसा की मैने भाग – 1 में पानी पीने के महत्व के बारे में बताया था। उसी प्रकार खाने का भी हर इंसान की मानसिकता और शारीरिकता पर सीधा असर पड़ता है। आप सब खाना तो किसी भी प्रकार का खा सकते है में तो आपको ये बताऊंगा की खाना खाते समय आपको क्या-क्या करना चाहिए और क्या नही करना चाहिए।
A. खाना खाते समय T.V. , Mobile Phone📱 या Laptop का इस्तेमाल ना करे इससे ध्यान भटकता है और इसी कारण हम खाने को ठीक से चबा भी नही पाते। इसीलिए खाना खाते समय अपने Gadgets का इस्तेमाल ना करे।
B. आज कल लोग खाने को ठीक से चबाते नही है और इसी कारण उन्हें पेट से जुड़ी समस्याओं हो रही है जिसका सीधा सा कारण खाने को ठीक से न चबाना है। यदि आप खाने को ठीक से चबाएंगे तो आपके खाने का 50% यानी आधा पाचन तो मुंह में ही हो जाएगा। इसीलिए अपने खाने को ठीक से चबाए।
C. कहा भी गया है की जैसा अन वैसा मन इसीलिए जितना संभव हो शाकाहारी (Vegetable) भोजन को अपनाएं और जितना संभव को मासाहारी खाने को कम खाएं पर अंत में अंतिम फैसला आप लोगो का ही हैं।
7. खुद को व्यस्त रखे = जो व्यक्ति कोई काम नही करता होगा उसे अपने भविष्य की चिंता लगी रहती है और वो तनाव में भी रहता है। इसीलिए में आप सब को कहना चाहूंगा की जितना संभव हो उतना खुद को व्यस्त रखने की कोशिश करे। यदि आप विद्यार्थी है तो अपनी पढ़ाई पे ध्यान लगाए, यदि नौकरी करते है तो आपने काम पे अपना ध्यान लगाएं। यदि फिर भी आपके पास समय बचता हैं तो अपनी शौक (Hobbies) को करना शुरू कर दे। जैसे – मेरा शौक पढ़ना है, मुझे लिखना बहुत अच्छा लगता है, मुझे खाना बनाना भी अच्छा लगता है, मुझे घूमना भी बहुत अच्छा लगता है।
हो सकता है। आपके शौक (Hobbies) मुझसे कुछ अलग हो पर उसमे कोई दिक्कत नही है, बस सीधी बात ये है, की खुद को व्यस्त रखने का प्रयास करे।
8. अपनी नींद के साथ समझौता ना करे = यदि आप 7 से 8 घंटे की नींद ले रहे है तो ये संभावना बहुत ज्यादा है की आपको मानसिक चिंताएं कम ही होगी या नहीं होगी में रात को 9:30PM से 10:30PM के बीच सो जाता हूं और सुबह 05:00AM से 05:45AM के बीच उठ जाता हूं। यदि आप भी चाहते है की आपको बिस्तर पे जाते ही नींद आ जाए तो ये चीजें अपनी दिनचर्या (Routine) में लाएं।
A. रात को सोने से कम-से-कम एक घंटा पहले अपने मोबाईल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों (Electronic Gadgets) को इस्तेमाल करना बंद कर दे। वरना इनसे निकलने वाली Blue Light की वजह से आपको नींद नहीं आएगी।
B. रात को सोने से पहले अपने पैरो को पानी से धोएं और फिर टॉवल से साफ करे उसके बाद सरसो के तेल, नारियल के तेल या तिल के तेल में से किसी भी एक तेल से अपने पैरो की मालिश करे। इससे आपको नींद भी जल्दी आएगी और आपकी आंखों की रोशनी भी बढ़ेगी ऐसा इसीलिए होगा क्योंकि आंखों की कुछ नसे पैरो से सीधे तौर पे जुड़ी होती है।
ये विडियोज (videos) आपको जल्दी नींद दिलाने में मदद करेंगी।
9. खुद को आराम भी दे = यदि आप एक ऐसे इंसान है जिसे हर चीज की चिंता रहती है तो ये भी एक स्वाभाविक बात है कि आपको तनाव व चिंता और लोगो के मुकाबले ज्यादा ही होगी। इसीलिए में आपको ये कहना चाहूंगा की छोटी बातो को अपने दिल से ना लगाएं। यदि बात ज्यादा बड़ी नही है तो दूसरे को माफ (क्षमा) करना सीखिए और हर बात पे लड़ाई झगडे ने करे। इससे आपको ही बाद में गलानी (Guilt) महसूस होगा। जीवन में जितना संभव हो आराम से और शांति से काम करना चाहिए।
आराम और शांति को पाने के लिए सुबह-सुबह योगा करने की आदत डाले। योगा में भी शवसन व्यायामों (Breathing Exercises) पे अधिक ध्यान दे। क्योंकि इनसे मन को शांति मिलती है।
10. कोई गलत कदम ना उठाएं = ये बात बिलकुल मुमकिन है कि आपके जीवन में दुख थोड़े ज्यादा हो सकते है, जिनके कारण आपके मन में ये ख्याल भी आ सकते है की क्यों ना अपने जीवन को ही खत्म कर लिया जाएं। में आपको ये चीज बताना चाहूंगा।
की जीवन में थोड़ी सी समस्या आते ही अगर आपके मन में आत्महत्या के ख्याल आने लगते है, तो ये कोई अच्छी बात नहीं है। हर किसी के जीवन में समस्याएं होती है पर यदि हर कोई ही इनसे डर के आत्महत्या करने के बारे में सोचने लगेगा तो कैसे चलेगा। इसीलिए खुद को थोड़ा मजबूत बनाएं। यकीन मानिए जिन समस्याओं की वजह से आज आप कितने भी दुखी क्यों ना हो। याद रखे की समय चलता रहता है जैसे अच्छा समय हमेशा नही रहता वैसे ही बुरा समय भी हमेशा नही रहता है। जिन समस्याओं को आज आप इतना बड़ा सोच रहे है। कल को वो ही आपको बहुत छोटी लगेगी।
इसीलिए कोई भी गलत कदम उठाने के बारे में ने सोचे बल्कि अगर आपके जीवन में कोई समस्या है तो उसके उपाय की तरफ अपना ध्यान लगाए दुखी होने से कोई फायदा नही होगा। थोड़ा मजबूती के साथ अपने जीवन के समस्याओं का सामना करे, हो सकता है इसमें थोड़ा समय लगे पर जीत आपकी ही होगी। बस धैर्य (Patience) रखे।
नोट :- इस Blog (ब्लॉग) की सारी बाते मैने अपने अनुभव और समझ के आधार पर तैयार की है।
आपको इस Blog (ब्लॉग) में लिखी बाते कैसी लगी मुझे कॉमेंट (Comment) सेक्शन में जरूर बताएं। क्या आपको चिंता, अवसाद से निकलना का कोई और रास्ता पता है, तो वो भी हमे कॉमेंट (Comment) करके बताएं।
अपना समय देने के लिए और इस ब्लॉग (Blog) को पूरा पढ़ने के लिए आपका बहुत- बहुत धन्यवाद।♥️💓🇮🇳💖💜😊💗💝☺️👏👌✌️💛💚💙☀️🤘🎉🙏❤️👍
हिंदी पूरी दुनिया में बोली जाने वाली तीसरी सबसे बड़ी भाषा है। हिंदी दिवस भारत में 14 सितंबर को बनाया जाता है। हिंदी को पूरी दुनिया में तकरीबन 61 करोड़ लोग बोलते है। इसके विस्तार इसे तरह होता रहे हम ये ही चाहते है। अपना बहुमूल्य समय देने के लिए धन्यवाद 🙏🙏🙏
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