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दिमाग की शक्ति बढ़ाने के 5 तरीके।

हैलो नमस्कार 🙏 दोस्तों आज के इस ब्लॉग में मैं आपको बताने वाला हूं कि कैसे आप अपने दिमाग की शक्तियों को बढ़ा सकते हैं जैसे: याददाश्त, क्रिएटिविटी, क्रिटिकल थिंकिंग आदि के बारे में।

नोट: इस ब्लॉग में बताए गए किसी भी प्रोडक्ट ने मुझे स्पॉन्सर नहीं किया है यह मेरी व्यक्तिगत राय और अनुभव है।

1. भस्त्रिका : भस्त्रिका एक ऐसी योगिक क्रिया है जो दिमाग को पूरे ढंग से खोल देती है इसे करने से हमारे दिमाग की क्वालिटीज निखर के बाहर आती है इस योगिक क्रिया में नाक से गहरी सांस लेकर उसे दम लगाके नाक से ही सारी हवा बाहर निकालनी होती है, वैसे तो यह क्रिया बहुत ही लाभदायक है परंतु यदि आपने कभी भी यह योगिक क्रिया नहीं की है तो इसे थोड़ा आराम से ही करें वरना आपको हल्के-हल्के चक्कर महसूस हो सकते हैं परंतु इनसे घबराए नहीं और अपनी योगिक क्रिया पर ध्यान देते रहें और धीरे-धीरे आप इसे अच्छे ढंग से करने लगेंगे।

2. ब्रह्म रसायन : ब्रह्म रसायन एक बहुत ही अच्छी औषधि है दिमाग के लिए इसका वर्णन चरक संहिता में मिलता है आप इसे सुबह खाना खाने से आधा घंटा पहले एक छोटा चम्मच खा सकते हैं इसे खाने से आपके दिमाग की शक्ति बढ़ेगी और आप चीजों को अच्छे से समझ पाएंगे आप बस इतना समझ लीजिए कि जैसे च्यवनप्राश शरीर का टॉनिक है उसी प्रकार ब्रह्म रसायन दिमाग का टॉनिक है पर फिर भी एक बारी में इसका एक ही चम्मच खाए और आराम आराम से खाएं।

3. बादाम रोगन : बादाम रोगन तेल रात को सोने से पहले हल्के गुनगुने दूध में एक चम्मच डाल दे और फिर उसे पी ले सिर्फ इतना करने से ही आपके दिमाग की चीजों को याद करने की तथा समझने की समता बहुत अधिक बढ़ जाएगी इसे एक बार आजमा कर जरूर देखें।

4. रात को ठीक समय पे सोना : अगर आप वाकई में चाहते हैं कि आपका दिमाग अपनी पूरी क्षमता से काम करें तो आपको सही समय पर सोना और सही समय पर जागना बहुत जरूरी है अगर आप एक अच्छी नींद नहीं लेते तो भी आपका दिमाग अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पाएगा यहां हम यह बात नहीं कह रहे कि यदि आपको कोई जरूरी काम है तो भी आप जल्दी सो जाएं परंतु यदि आपको कोई जरूरी काम नहीं है और सिर्फ मूवीस,गेम्स, या चैट करनी है तो यह कोई जरूरी काम नहीं है अगर आप जल्दी सोएंगे और जल्दी उठेंगे तो इससे ना सिर्फ आप खुद को खुश महसूस करेंगे बल्कि आपको खुश देखकर आपका परिवार तथा आपका समाज भी खुश होगा और इससे आपके अंदर सकारात्मकता आएगी जो आपके मस्तिष्क के अत्यंत लाभदायक हैं।

5. नाक के छिद्रों में तेल डालना : रात को सोने से पहले अपनी नाक में दो दो बूंद सरसों का तेल या बादाम रोगन तेल डालना चाहिए इससे आपके दिमाग के जो एरिया ड्राई पड़ गए हैं यानी मस्तिष्क का वह हिस्सा ज्यादा कार्यशील नहीं रहा है तो बादाम रोगन की दो दो बूंदे या सरसों का तेल अपनी नाक के दोनों छिद्रों में रात को सोने से पहले डाले इससे दिमाग में एक नई शक्ति का उदय होता है। पहले के समय में ऐसा कहा जाता था कि हमारी नाक हमारे दिमाग से होकर जाती है इसीलिए जब हम नाक में बादाम रोगन या किसी अन्य तेल की बूंदे डालते हैं तो इससे हमारे दिमाग की ड्राइनेस दूर हो जाती है और दिमाग की चीजों को सीखने की और याद करने की शक्ति बढ़ती है।

नोट : इस Blog कि जानकारी अलग-अलग स्त्रोतों और मेरे व्यक्तिकत अनुभवों से इक्कटी की गई है। यदि इसमें कोई गलती (त्रुटि) मिलती है या आपका कोई और सुझाव है तो उसके बारे में हमें कमेंट (Comment) करके जरूर बताएं।

ये विडियोज आपको इस ब्लॉग में बताई गई चीजों को समझने में मदद करेगी।

https://youtu.be/dIULRKfZMTY

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Educational, Health, Lifestyle

कहीं आप जाने अनजाने अपनी सेहत तो नहीं बिगाड़ रहे हैं…!

हमारी कुछ गतिविधियां हमारे मस्तिष्क को नुकसान पहुंचा सकती है, इन्हें जाने और इनमें बदलाव लाएं।

हमारी गतिविधियां शारीरिक स्वास्थ्य पर तो प्रभाव डालती ही हैं साथ ही साथ हमारे दिमाग पर भी प्रभाव डालती हैं इसीलिए यह आवश्यक है कि हम उन गतिविधियों पर ध्यान दें जिन से हमारे दिमाग को क्षति पहुंचती है और फिर उनमें बदलाव लाएं।

1. तेज गाने सुनना या ज्यादा इयरफोन का इस्तेमाल करना : यदि आप तेज आवाज में हैडफोन लगाकर गाने सुनते है तो जान लीजिए कि ये आपके कानों के साथ साथ दिमाग को भी नुकसान पहुंचा रही है, ऐसा इसीलिए होता क्योंकि जब कानों को तेज आवाज से क्षति पहुंचती है तो इसका सीधा असर मस्तिष्क पर भी पड़ता है इससे कानों के सुनने की क्षमता प्रभावित होती है और साथ में नर्व टिश्यू को भी क्षति पहुंचती है। इसीलिए हैडफोन का इस्तेमाल सीमत मात्रा में करे तथा जब भी हैडफोन लगा के गाने सुने तो वॉल्यूम को 70% से ज्यादा ना करे। इस मैसेज को इग्नोर ना करे जो आपकी स्क्रीन पर आता है।

2. कम सोने की आदत : नींद जितनी शारीरिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है उतनी ही मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है, यदि हम अच्छी प्रकार नींद नहीं लेंगे तो ने केवल हमारा शरीर थका- थका रहेगा बल्कि हमारा दिमाग भी थका-थका ही रहेगा नींद न सिर्फ हमारी थकावट को दूर करती है बल्कि हमारे तनाव को भी कम करती है। इसीलिए नियमित रूप से पर्याप्त नींद लेना की आदत डालें सबसे अच्छा समय सोने के लिए रात के 10:00 बजे से सुबह के 5:00 बजे तक है, यदि आपको नींद लेने में परेशानी होती है तो शाम को चाय, कॉफी, शराब के सेवन से दूर रहे और रात को सोने से एक घंटा पहले सारे इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स का इस्तेमाल बंद कर दे।

3. फोन में ही रहना : यदि आप रात को लेट तक फोन चलाते हैं और सुबह की शुरुआत भी फोन को उठा कर ही करते हैं तो यह आदत आपके मस्तिष्क को प्रभावित करती है। अगर हर नोटिफिकेशन पर आप अपने मोबाईल फोन को हाथ में ले लेते हैं तो इसका प्रभाव आपके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। मैं भी अपने अनुभव के आधार पर कहना चाहूंगा कि मोबाइल फोन को सुबह उठते ही इस्तेमाल नहीं करना चाहिए बल्कि पहले अपनी दैनिक क्रियाएं करनी चाहिए तथा बाद में ही मोबाइल फोन का इस्तेमाल करे तथा मोबाईल फोन का इस्तेमाल भी सीमित ही करे।

4. सही मात्रा में पानी ना पीना : हमारे मस्तिष्क के 90 फ़ीसदी भाग में पानी होता है अगर हम लंबे समय तक पानी नहीं पीते हैं तो हमारे दिमाग की कोशिकाएं सिकुड़ने लगती हैं। पानी ने सिर्फ हमें हाइड्रेटेड रखता है बल्कि दिमाग को भी स्वस्थ रखने में मदद करता है हमने अपने पिछले लेख में भी शरीर के लिए पानी के महत्व को बताया है। इसीलिए अपने शरीर के अनुसार पूरे दिन में पानी पीते रहे।

5. अकेले समय बिताना : कोरोना के कारण लोगों ने अपना ज्यादा समय घरों में ही बिताना शुरू कर दिया है कोरोना को देखते हुए यह जरूरी भी था परंतु कुछ लोगों को हमेशा घर में ही रहना पसंद होता है यदि आपके शहर में लॉकडाउन नहीं लगा है तो हम आपको यह सलाह  जरूर देंगे कि अपने दिन का थोड़ा समय घर के बाहर जरूर बिताए मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए घर से बाहर थोड़ी दूर टहलना या किसी पार्क में जाना या फिर किसी मित्र से मिलना या किसी परिचित से मिलना भी अच्छा विकल्प है। यहां ये भी ध्यान रखे कि ज्यादा समय अकेले ना बिताएं यदि बाहर नहीं जा सके तो घर में ही परिवार के लोगों के साथ बैठे क्योंकि इस बात को याद रखें कि अकेलेपन से तनाव और अवसाद पैदा होता है धूप की रोशनी भी जरूर ले।

6. हमेशा बैठे रहना : यह बात तो हम सभी जानते हैं कि अधिक समय तक निष्क्रिय होकर रहना ना ही केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बुरा है बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बुरा है। आज के समय में जब अधिकतर लोगों की नौकरी ही कुछ इस प्रकार की है कि उन्हें अधिक समय तक कंप्यूटर के आगे बैठे ही रहना पड़ता है। हम जितने ज्यादा निष्क्रिय होते हैं उतनी ही अधिक चिंता तथा नकारात्मक विचार हमें आते हैं तो इस चीज से बचने के लिए सुबह सुबह व्यायाम करने की आदत डालें तथा खेलने के लिए भी समय निकालें तथा ऑफिस में या किसी अन्य स्थान पर जहां भी आपको ज्यादा समय तक बैठकर काम करना होता है होता है वहां बीच-बीच में कुर्सी से उठ कर थोड़ा टहलने की आदत डालें आप कुर्सी से उठकर पानी पीने के लिए जा सकते हैं जिससे आपके शरीर में सक्रियता भी आएगी तथा आप की पानी की कमी भी पूरी हो जाएगी।

नोट : इस Blog कि सारी जानकारी मेरे व्यक्तिगत अनुभवों और कुछ अन्य स्त्रोतों से प्राप्त की गई है। यदि इसमें कोई गलती (त्रुटि) मिलती है या आपका कोई और सुझाव है इस लेख के बारे में तो उसके बारे में हमें कमेंट (Comment) करके जरूर बताएं।

आप हमसे आगे और किस विषय पर जानकारी चाहते है, ये भी हमे कमेंट करके जरूर बताएं और अंत में अपना बहुमूल्य समय इस Blog को देने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।💯🇮🇳❤️🔥🧠🤍🤎💜💙💚💛🧡🤩🌄🎊😎💥🎉💪👋✅☑️🏫👍😄😊✌️👌🙏💖